राइजोबियम फोस्फेट घोलक जीवाणु
जीवाणु खाद के फायदे :-
इसके प्रयोग से 5-15 प्रतिशत उत्पादन में वृद्धि होती है। इससे पौधा पर्यावरण में मौजूद प्राकृतिक नाईट्रोजन को ग्रहण करना शुरू कर देता है। जिससे यूरिया जैसे जहरीले उर्वरक की पौधे को बहुत कम जरूरत पड़ती है। जीवाणु खाद के प्रयोग से भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ती है। पोधों की रोग प्रतिरोधक झमता बनी रहती है। जीवाणु खाद के प्रयोग से बीजो की अंकुरण क्षमता तेज हो जाती है। यह जीवाणु खाद जड़ों द्वारा फैलने वाले रोगों को फैलने से रोकता है। यह जीवाणु मिट्टी में पड़े व्यर्थ फॉस्फोरस को पौधों को उपलब्ध करवाता है, जिससे डी.ए.पी. जैसे जहरीले उर्वरक की कम जरूरत पड़ती है। प्रयोग से पौधे की जड़े मजबूत होती है। यह पौधे पर पर्यावरण तनाव को सहन करने में मदद करता है। इसके
उपयोग के तरीके :-
बीज उपचारित करने के लिए एक एकड़ बीज में जीवाणु खाद की आवश्यकतानुसार (प्रति 10 किलो बीज पर 100 मि.ली.) मात्रा को 100 ग्राम गुड़ व 250 मि.ली. पानी में अनुपात के अनुसार हाथों से बीज में अच्छी तरह मिलाएं और इसे छांव में सुखा ले। 2 से 3 घण्टे के अन्दर बिजाई की प्रक्रिया पूरी कर लें।
तावधानियां:-
इसकी बोतल को धूप से बचाकर रखें। रसायनिक उर्वरक व कीटनाशकों के साथ इसका उपयोग ना करें

